Rajasthani Folk Songs
Rajasthani Folk Songs

Folk & Cultural Heritage
Modern Kesariya Balam Rajasthani Folk Song
Artist: RK Pema
Modern Kesariya Balam is RK Pema’s contemporary interpretation inspired by Rajasthan’s tradition of songs of welcome. Its invitation to a loved one evokes hospitality, affection, and the feeling of home.
Lyrics
मुखड़ो — स्त्रियों का समूह
केसरिया बालम, गुलाब सूँ प्यारा,
तोरणिये एकला मत जाजो रे।
मायड़ री दुआ ने संग में लेजो,
भाया ने साथ बुलाजो रे।
रूप थारो देख बुरी नजर लागै,
तोरणिये एकला मत जाजो रे।
अंतरा १ — बुआ
केसरिया पाग में कलगी झलकै,
मोतियां री लड़ी लहरावै रे।
माथे रो टीको सूरज ज्यूँ चमकै,
हँसतो मुख गुलाब खिलावै रे।
बुआ कहै, “ओ म्हारा लाडला,
म्हारी असीस सिर धर जाजो रे।”
अंतरा २ — बहनें
सोनै री बेल काढ़ी अचकन,
काँधे केसरियो दुपट्टो रे।
गुलाबां री माला छाती पर सोहै,
पग में चमकै मोजड़ो रे।
बहनां कहै, “थारो रूप निरालो,
म्हां भी संग-संग आवां रे।”
अंतरा ३ — साथी
कमर में सजै म्यान री तलवार,
चाल थारी राजसी लागै रे।
ढोलक बाजै, खड़ताल छनकै,
आँगण मंगल गीतां सूँ जागै रे।
साथी कहै, “हम हाथ पकड़ चालां,
तोरण तलक थाने पहुँचावां रे।”
अंतरा ४ — दादी
भीड़ में नजरां घणी पड़ैला,
कुण जाने कैसो मन धरै रे।
मंगल घड़ी में अकेलो मत चालो,
साथ रहै तो डर टळै रे।
दादी काजल रो टीको लगावै,
हँस कै असीस सुनावै रे।
अंतरा ५ — तोरण पर
फूलां रो तोरण द्वार सजायो,
दीपां सूँ उजियारी रात रे।
भाया एक ओर, बहनां दूजी ओर,
बीच चले बालम थामै हाथ रे।
तोरण छू कै बालम मुस्कायो,
गूँज उठी मंगल री बात रे।
अंतिम मुखड़ो — सभी
केसरिया बालम, गुलाब सूँ प्यारा,
तोरणिये अपणां संग आयो रे।
मायड़ री दुआ, दादी री असीसां,
सबने थारो मान बढ़ायो रे।
केसरिया बालम, गुलाब सूँ प्यारा,
आज तोरण रो फूल खिलायो रे।
Credits & recording notes
Created by RK Pema with Suno; see recording and source-credit notes.
Created by RK Pema with Suno as part of his mission to save, enrich, and share folk songs. This is a modern interpretation inspired by Kesariya Balam; lyricist, singer and source credits will be added here once confirmed.
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